सीमांत रानीखेत के कुशल एवं दूरदर्शी निचर्देशन में ‘सतर्कता जागरूकता सप्ताह’ के अंतर्गत विशेष कार्यशाला का आयोजन।
रिपोर्ट– बलवन्त सिंह रावत
‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ थीम के तहत अधिकारियों और जवानों को प्रशासनिक उत्तरदायित्व, नैतिक मूल्यों और भ्रष्टाचार मुक्त कार्यप्रणाली के प्रति किया जागरूक
रानीखेत। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के सीमांत मुख्यालय रानीखेत में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। अमित कुमार, महानिरीक्षक, सीमांत रानीखेत के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बल के अधिकारियों एवं कार्मिकों के बीच ईमानदारी, पारदर्शिता, नैतिक मूल्यों और प्रशासनिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करना रहा। कार्यशाला में सीमांत मुख्यालय के अंतर्गत आने वाली सभी अधीनस्थ स्थापनाओं और इकाइयों ने हाइब्रिड माध्यम से जुड़कर सक्रिय सहभागिता की।
कार्यशाला का आयोजन सतर्कता जागरूकता सप्ताह की थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ के तहत किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने सत्यनिष्ठा को एक अनुशासित संगठन, पारदर्शी प्रशासन और सशक्त राष्ट्र के निर्माण का आधार बताया। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं में कार्यरत प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का दायित्व है कि वह अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और निष्ठा के साथ करे।
विशेषज्ञ वक्ताओं ने सतर्कता के विभिन्न पहलुओं पर दी जानकारी
कार्यशाला में विशिष्ट वक्ताओं के रूप में मुख्तार मोहसिन (भारतीय पुलिस सेवा), उप महानिरीक्षक, सीमांत रानीखेत, विभा दीक्षित, पुलिस उपाधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी तथा हरीश मानरल, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने प्रतिभागियों को सतर्कता से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ का संकल्प केवल व्यक्तिगत आचरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक मजबूत राष्ट्र और अनुशासित संगठन की प्रगति की बुनियादी शर्त है। उन्होंने अधिकारियों और कार्मिकों को दैनिक कार्यप्रणाली में ईमानदारी, पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के साथ ही अपने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन पूर्ण जवाबदेही के साथ करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के दौरान सतर्कता से संबंधित नियमों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और नैतिक जिम्मेदारियों पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने आधुनिक प्रशासनिक चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने के लिए तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकी माध्यमों का उचित उपयोग प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
नैतिक मूल्यों और जवाबदेही को मजबूत करने पर जोर
कार्यक्रम में केंद्रीय सतर्कता आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अधिकारियों और बल कार्मिकों को ईमानदारी एवं उच्च नैतिक मूल्यों के साथ कार्य करने के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इस दौरान राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखने, कर्तव्यों का निष्पक्षतापूर्वक पालन करने और सतर्कता संबंधी दिशा-निर्देशों का पूरी गंभीरता से अनुपालन करने का संदेश दिया गया।
वक्ताओं ने कार्मिकों को प्रेरित किया कि वे अपने कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें और प्रत्येक प्रशासनिक निर्णय में पारदर्शिता तथा जवाबदेही को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि संगठन की प्रतिष्ठा और कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए प्रत्येक स्तर पर सत्यनिष्ठा एवं अनुशासन का पालन आवश्यक है।
वरिष्ठ अधिकारी और बलकर्मी रहे मौजूद
कार्यशाला का समापन सकारात्मक वातावरण में हुआ। इस दौरान प्रतिभागियों ने सतर्कता से जुड़े विषयों पर रचनात्मक चर्चा की और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने तथा राष्ट्रहित में समर्पण के साथ कार्य करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर परीक्षित बेहेरा, उप महानिरीक्षक, सीमांत रानीखेत, गोविंद सिंह भंडारी, कमांडेंट, देबासीस पाल, कमांडेंट तथा अनिल कुमार जोशी, उप कमांडेंट सहित सीमांत मुख्यालय के अन्य अधिकारी और बलकर्मी उपस्थित रहे।
कार्यशाला के माध्यम से एसएसबी सीमांत मुख्यालय रानीखेत ने संगठन में ईमानदारी, पारदर्शिता, अनुशासन और उत्तरदायित्व की संस्कृति को मजबूत करने का संदेश दिया।


