हल्द्वानीl उत्तराखण्ड की स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाए जाने की मांग को लेकर 18 अक्टूबर 2026 से हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन चल रहा है आज अनशन में राज्य आंदोलनकारी चखुटिया के जगदीश मंगाई बैठे उन्होंने कहा राज्य आंदोलन के दौरान लाठियां खाई गोलियां खाई और मां बहनों के आबरू लुटाया मैने अपने हाथों से खून से लटपथ आंदोलनकारियों को अस्पताल पहुंचाया आंदोलन के दौरान एक ही सपना था हमारा राज्य बनेगा और हमारे हक हुकूक हमें मिलेगा, पलायन रुकेगा मगर आज राज्य की दुर्दशा आंदोलनकारियों की आत्मा बहुत दुखी है
आंदोलन से जुड़े पहाड़ी आर्मी के संस्थापक हरीश रावत ने बताया कि अभी तक टिहरी के अनिल बहुगुणा, चखुटिया भुवन कठायत, गोचोर के रमेश थपलियाल, रूद्र प्रयाग सेवानिवृत्ति इंजीनियर दयाल सिंह राणा, मासी आनंद राम चमोली के दुर्गा प्रसाद, ऋषिकेश रामेश्वर शर्मा, गैरसैण के नारायण सिंह बिष्ट,कर्णप्रयाग के दान सिंह मिगवाल हल्द्वानी पहुंच कर क्रमिक अनशन पर बैठे है
उन्होंने बताया राज्य के कई जिलों से लगातार लोग धरना स्थल में आकर समर्थन दे रहे हैं अन्य राज्यों में रह रहे प्रवासी अभियान आंदोलन के लिए हल्द्वानी पहुंच रहे हैं
अनशन में बैठे पूर्व आईएएस विनोद प्रसाद रतूड़ी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण पहाड़ के अस्तित्व, अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए हुआ था, लेकिन राज्य गठन के वर्षों बाद भी स्थायी राजधानी का प्रश्न अधूरा है।
उन्होंने कहा, “पहाड़ के खेत, किसान, गांव और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बचाने के लिए गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाना आवश्यक है। राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों के सपनों को अब और अधूरा नहीं रखा जाना चाहिए।
आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे समाजसेवी संतोष नेगी ने कहा राज्य के कई हिस्सों से आकर आंदोलनकारी हल्द्वानी में बैठे हैं तो अधिक से अधिक लोगों को आंदोलन में आने की अपील की उन्होंने आंदोलन में हर वर्ग की भागीदारी के साथ पहाड़ की पहचान, पलायन, रोजगार और पर्वतीय क्षेत्रों के विकास से जुड़े सवाल पर एक होना होगा
78 वर्ष के राज्य आंदोलनकारी गोपाल दत्त कुमोड़ी जो नन्दप्रयाग से हल्द्वानी पहुंचे जो 24 घंटे बुद्ध पार्क में टेट में ही रहते हैं उन्होंने कहा कि गैरसैंण में विधानसभा भवन होने और ग्रीष्मकालीन राजधानी का दर्जा मिलने के बावजूद स्थायी राजधानी का सवाल लंबित है।
इनकी मांग है कि सरकार आगामी गैरसैंण विधानसभा सत्र में स्थायी राजधानी को लेकर स्पष्ट और ठोस निर्णय ले।
इस दौरान ,पहाड़ी आर्मी के जिलाध्यक्ष फौजी राजेंद्र कांडपाल, प्रेमा मेर,नीमा भट्ट ,मनोज रावत, जय रावत अंजू पांडे, विनोद नेगी,संजय जोशी,संजय बिष्ट ,हेम शर्मा ,कविन्द्र चंद , हिमांशु शर्मा , संतोष नेगी , देवेंद्र सालाकोट, संजय वर्मा, संजय बिष्ट, करण संजय रौतेला,प्रदीप रौतेला,आदि दर्जनों आंदोलनकारी मौजूद रहें।


