रानीखेत : 52वें रानीखेत उर्स मुबारक का शांतिपूर्ण समापन, प्रतियोगिताओं के विजेताओं को संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी ने किया सम्मानित

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52वें रानीखेत उर्स मुबारक का शांतिपूर्ण समापन, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित

रिपोर्टर: बलवंत सिंह रावत 

रानीखेत। कौमी एकता, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देने वाले 52वें रानीखेत उर्स मुबारक का समापन श्रद्धा, सौहार्द और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया।

समापन अवसर पर आयोजित निबंध लेखन एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।

निबंध लेखन प्रतियोगिता के जूनियर वर्ग (कक्षा 6 से 8) में हरिप्रीत सिंह ने प्रथम, बबीता नेगी ने द्वितीय तथा आराध्या और साहवी बिष्ट ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं वरिष्ठ वर्ग (कक्षा 9 से 12) में गार्गी रावत प्रथम, आराध्या लाल द्वितीय तथा अजमी और नेहा बिष्ट संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहीं।

चित्रकला प्रतियोगिता के सब जूनियर वर्ग में प्रायंशी चैतन्य एम. ने प्रथम, रिधान भंडारी ने द्वितीय तथा हर्षित जोशी ने तृतीय स्थान हासिल किया। जूनियर वर्ग में कुमुद बिष्ट प्रथम, दिव्यांशी बिष्ट द्वितीय तथा मोहम्मद शादान और मोहम्मद अरहम खान संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे।

सीनियर वर्ग में लविश खेतवाल प्रथम, लक्ष्य रावत द्वितीय तथा नेहा गहतोड़ी और मरिया रकीब संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत दीक्षिता जोशी (आईएएस) तथा विशिष्ट अतिथि नगरपालिका रानीखेत-चिलियानौला के अध्यक्ष अरुण रावत मौजूद रहे। कार्यक्रम में संजय पंत, गणेश जोशी, मनोज पाठक सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने प्रतिभाग किया।

मुख्य अतिथि दीक्षिता जोशी ने विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा सभी प्रतिभागियों की रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की।

उर्स प्रबंधन समिति के प्रबंधक एवं खादिम मोहम्मद मोहसिन ने उर्स के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए रानीखेत की जनता, शासन-प्रशासन, कुमाऊं रेजीमेंटल सेंटर, छावनी परिषद, पुलिस प्रशासन, मीडिया कर्मियों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग और आपसी भाईचारे से उर्स मुबारक का आयोजन सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जो रानीखेत की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण है।

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