रानीखेत। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रानीखेत की विज्ञान लोकप्रियीकरण समिति (Science Popularisation Cell) ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान और अनुसंधान से जोड़ने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण पहल कर रही है। इसी क्रम में समिति एवं MetaChem Academy LLP के संयुक्त तत्वावधान में 17 से 19 जून 2026 तक “Advanced Workshop on Polymer Science: Synthesis, Characterization and Applications” विषय पर तीन दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित की जाएगी।
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों और युवा शिक्षकों को पॉलिमर विज्ञान के मूलभूत सिद्धांतों से लेकर उन्नत अनुसंधान तकनीकों तक का व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करना है। कार्यक्रम के दौरान पॉलिमर संश्लेषण, पॉलिमर कैरेक्टराइजेशन, NMR, FTIR, GPC, XRD, SEM, TEM, थर्मल विश्लेषण, पॉलिमर नैनोकॉम्पोजिट्स, बायोमटेरियल्स, कंडक्टिंग पॉलिमर्स तथा स्मार्ट एवं सतत पॉलिमर सामग्रियों जैसे विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।
कार्यशाला की विशेषज्ञ वक्ता डॉ. तानिया रोज़ अब्राहम होंगी। पॉलिमर रसायन और ऊर्जा सामग्री विज्ञान के क्षेत्र में उनका उल्लेखनीय योगदान रहा है तथा उनके कई शोधपत्र प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।
समिति के समन्वयक डॉ. भारत पाण्डेय ने बताया कि समिति का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान, नवाचार और शोध के अवसरों से जोड़ना है, ताकि उन्हें भी महानगरों के विद्यार्थियों के समान अवसर प्राप्त हो सकें। उन्होंने बताया कि समिति पूर्व में FTIR Spectroscopy, Nanomaterials for Energy Harvesting and Storage जैसी कार्यशालाओं के साथ-साथ नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिकों के व्याख्यानों का भी सफल आयोजन कर चुकी है।
सह-समन्वयक डॉ. अतुल उप्रेती ने कहा कि वर्तमान समय में पॉलिमर विज्ञान ऊर्जा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत सामग्री विज्ञान जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और उन्हें भविष्य के अनुसंधान एवं रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करने में सहायक सिद्ध होंगे।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. पुष्पेश पाण्डेय ने समिति की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आधुनिक वैज्ञानिक ज्ञान एवं वैश्विक शोध अवसरों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कार्यशाला विद्यार्थियों को शोध और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
विज्ञान लोकप्रियीकरण समिति की यह पहल विज्ञान के प्रसार, वैज्ञानिक चेतना के विकास और ग्रामीण प्रतिभाओं को वैश्विक शोध जगत से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

