17 करोड़ खर्च के बाद भी पेयजल संकट बरकरार, नौला मानिला देवी योजना को लेकर 3 जुलाई को भिकियासैंण तहसील में प्रदर्शन

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नौला मानिला देवी पेयजल योजना से जलापूर्ति चरमराई 3 जुलाई को भिकियासैंण तहसील मुख्यालय पर होगा प्रदर्शन 

उत्तराखंड क्रांति दल ने स्टैबलाइजर लगाने, वितरण व्यवस्था सुधारने और पुराने स्टोरेज टैंक को फिर से चालू करने की उठाई मांग

रिपोर्टर बलवंत सिंह रावत 

रानीखेत/भिकियासैंण। नौला मानिला देवी पेयजल योजना के पुनर्गठन पर 17 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने के बावजूद क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा गया है। उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता तुला सिंह तड़ियाल ने आरोप लगाया कि पिछले दो सप्ताह से क्षेत्र के लोगों को एक बूंद पानी तक नसीब नहीं हो रहा है, जिससे जनता में भारी आक्रोश है।

तड़ियाल ने बताया कि नौला पम्प हाउस को सौर ऊर्जा संयंत्र से जोड़ने के बाद तेज धूप में वोल्टेज 500 से अधिक पहुंच जाने के कारण पम्पिंग प्रभावित हो रही है। वहीं, योजना के पुनर्गठन के बाद वितरण प्रणाली भी सुचारु नहीं होने से जलापूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है। उनका कहना है कि केवल स्टैबलाइजर नहीं लगाए जाने जैसी विभागीय लापरवाही के कारण लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने मांग की कि नौला पम्प हाउस पर तत्काल स्टैबलाइजर लगाया जाए, गांवों की वितरण व्यवस्था में सुधार किया जाए तथा मानिला देवी स्थित 1100 किलोलीटर क्षमता वाले विशाल जलाशय को पूर्ववत संचालित किया जाए। तड़ियाल ने कहा कि बिजली आपूर्ति बाधित रहने की समस्या को देखते हुए इस टैंक का निर्माण कराया गया था, लेकिन विभाग ने इसे अनुपयोगी बना दिया, जबकि यह आज भी उपयोगी है।

उन्होंने चेतावनी दी कि पेयजल समस्या के समाधान की मांग को लेकर क्षेत्रीय जनता 3 जुलाई को भिकियासैंण तहसील मुख्यालय पर विशाल प्रदर्शन करेगी और उप जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजेगी।

यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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