द्वाराहाट में जनप्रतिधि संवाद कार्यक्रम में हुआ बवाल, ब्लाक प्रमुख बैठी जमीन पर, कार्यक्रम का किया विरोध,खंड विकास अधिकारी सफाई देती नजर आई खुद की।
सरकारी कार्यक्रम को भाजपा का कार्यक्रम बनाने का आरोप, निमंत्रण पत्र में अतिथियों व भाजपा कोर कमेटी का उल्लेख नहीं होने पर उठाए सवाल; विरोध के बाद बिना औपचारिकता कार्यक्रम हुआ समाप्त
रिपोर्ट– बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत/द्वाराहाट। विकासखण्ड द्वाराहाट में आयोजित ‘त्रिस्तरीय पंचायत जनप्रतिनिधि संवाद एवं विकास संकल्प सेवा सेतु सम्मेलन’ कार्यक्रम उस समय राजनीतिक विवाद में बदल गया, जब द्वाराहाट की ब्लॉक प्रमुख डॉ. आरती किरौला कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं और पंडाल में जमीन पर बैठकर कार्यक्रम का विरोध शुरू कर दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अल्मोड़ा नगर निगम के महापौर अजय वर्मा तथा विशिष्ट अतिथि भारतीय जनता पार्टी की पलायन आयोग सदस्य अनिल शाही समेत भाजपा के कई कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मंच पर मौजूद थे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं द्वारा सभा को संबोधित किया जा रहा था। इसी बीच ब्लॉक प्रमुख डॉ. आरती किरौला पंडाल में पहुंचीं और मंच के सामने जमीन पर बैठकर अपनी नाराजगी जताई। उनके विरोध के बाद कार्यक्रम स्थल पर राजनीतिक माहौल गरमा गया और भाजपा तथा कांग्रेस से जुड़े लोगों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
निमंत्रण पत्र को लेकर उठाए सवाल
ब्लॉक प्रमुख डॉ. आरती किरौला ने आरोप लगाया कि उन्हें जो निमंत्रण पत्र मिला था, वह खंड विकास अधिकारी के हस्ताक्षर से जारी हुआ था। उन्होंने कहा कि निमंत्रण पत्र में न तो कार्यक्रम में शामिल होने वाले इन राजनीतिक अतिथियों का उल्लेख किया गया था और न ही कहीं भाजपा कोर कमेटी का जिक्र था।
उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी दी गई थी कि यह सरकार की ओर से आयोजित कार्यक्रम है, लेकिन कार्यक्रम स्थल पर जिस तरह से भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मंच पर मौजूद रहे, उससे यह सरकारी कार्यक्रम कम और भाजपा का कार्यक्रम अधिक नजर आया।
नगर पंचायत अध्यक्ष को नहीं बुलाने पर भी नाराजगी
ब्लॉक प्रमुख ने कार्यक्रम के आयोजन को लेकर एक और सवाल उठाते हुए कहा कि जब कार्यक्रम नगर पंचायत के मैदान में आयोजित किया जा रहा था, तो नगर पंचायत अध्यक्ष को भी कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया। वहीं दूसरी ओर भाजपा के मंडल अध्यक्ष सहित पार्टी के कई कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मंच पर बैठे नजर आए।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों से जुड़े कार्यक्रम में सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को समान रूप से सम्मान और स्थान मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के स्वरूप और आयोजन को लेकर उन्हें पहले से स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
बीडीओ से जवाब मांगने पर भी नहीं मिली स्पष्ट जानकारी
डॉ. आरती किरौला ने कहा कि जब उन्होंने इस संबंध में खंड विकास अधिकारी से जानकारी मांगी तो उन्होंने इस मामले पर कुछ भी स्पष्ट बोलने से इनकार कर दिया। ब्लॉक प्रमुख का कहना था कि वह कार्यक्रम में किसी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि के रूप में नहीं, बल्कि निमंत्रण मिलने के कारण जनप्रतिनिधि के तौर पर पहुंची थीं।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कार्यक्रम सरकार का था तो इसमें राजनीतिक दल के पदाधिकारियों की भूमिका और मंच पर उनकी मौजूदगी को लेकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए थी।
कार्यक्रम में आमने-सामने दिखे भाजपा-कांग्रेस
ब्लॉक प्रमुख के विरोध के बाद कार्यक्रम स्थल पर राजनीतिक माहौल और गरमा गया। भाजपा और कांग्रेस से जुड़े लोग एक-दूसरे पर कार्यक्रम को राजनीतिक रंग देने के आरोप लगाते नजर आए। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला।
विवाद बढ़ता देख कार्यक्रम को बिना किसी औपचारिकता के समाप्त कर दिया गया। कार्यक्रम में पहुंचे पंचायत जनप्रतिनिधियों और अन्य लोगों के बीच भी पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा होती रही।
द्वाराहाट में आयोजित इस सम्मेलन के दौरान सामने आया विवाद अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। वहीं, ब्लॉक प्रमुख के आरोपों के बाद कार्यक्रम के आयोजन, निमंत्रण प्रक्रिया और सरकारी कार्यक्रम में राजनीतिक प्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।


