विकासखण्ड ताड़ीखेत सभागार में त्रिस्तरीय पंचायत जनप्रतिनिधि संवाद एवं विकास संकल्प सेवा सम्मेलन का आयोजन
विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने किया कार्यशाला का शुभारंभ, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वयं सहायता समूहों की योजनाओं की दी गई जानकारी
रिपोर्ट– बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। विकासखंड ताड़ीखेत के सभागार में ‘त्रिस्तरीय पंचायत जनप्रतिनिधि संवाद एवं विकास संकल्प सेवा हेतु सम्मेलन-2026’ के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं संवाद कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया।
झकार्यशाला का उद्देश्य ग्राम स्तर पर कार्यरत त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों को सरकार की विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं और उनके समाधान को लेकर सीधा संवाद स्थापित करना रहा।
कार्यशाला में विशेषज्ञों एवं विभागीय अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों को मनरेगा (जी राम जी कार्ययोजना) तथा प्रधानमंत्री आवास योजना समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने योजनाओं के उद्देश्य, पात्रता, कार्यप्रणाली तथा ग्राम पंचायत स्तर पर इनके प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला। जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की गई कि वे योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाकर पात्र लाभार्थियों को उनका लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
खंड विकास अधिकारी तारा चंद्र ने महिला स्वयं सहायता समूहों की कार्यप्रणाली, उनके सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन के विभिन्न उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ स्वरोजगार और स्थानीय स्तर पर आय के अवसर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से महिला समूहों को प्रोत्साहित करने और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने कहा कि संकल्प सेवा सेतु सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित कर विकास योजनाओं की जानकारी उन तक पहुंचाना और योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली दिक्कतों को समझना है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके माध्यम से योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और स्थानीय समस्याओं का समाधान करने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन के दौरान आयोजनकर्ताओं, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने विचार रखे। विभिन्न विकास योजनाओं को लेकर सामने आ रही समस्याओं पर भी चर्चा की गई और उनके समाधान के लिए सरकार की ओर से किए जा सकने वाले प्रयासों की जानकारी दी गई। विधायक ने कहा कि क्षेत्र से बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य कार्यक्रम में शामिल हुए।
वहीं, पूर्व ब्लॉक प्रमुख धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश के सभी 95 विकासखंडों में त्रिस्तरीय पंचायत जनप्रतिनिधि संवाद एवं विकास संकल्प सेवा सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य यह जानना है कि सरकार की ओर से संचालित विकास योजनाओं का लाभ ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और जिला पंचायत सदस्यों के माध्यम से गांव के अंतिम छोर तक पहुंच रहा है या नहीं।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद कर विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाइयों की जानकारी प्राप्त की जा रही है। साथ ही, समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक प्रयासों पर भी चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम लगातार आयोजित होते रहें तो सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने सम्मेलन के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी जताया।
कम रही ग्राम प्रधानों की उपस्थिति
कार्यशाला के दौरान ताड़ीखेत विकासखंड की 130 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष ग्राम प्रधानों की अपेक्षाकृत कम उपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी रही। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के लिए इस प्रकार की प्रशिक्षण एवं संवाद कार्यशालाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे कार्यक्रमों में अधिक से अधिक ग्राम प्रधानों और पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि सरकार की योजनाओं, नियमों और विकास कार्यों की जानकारी सीधे गांवों तक पहुंच सके।
मुख्य अतिथि विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने भी कहा कि सूचना प्रसारित होने में कुछ देरी के कारण अपेक्षित संख्या में प्रतिनिधि कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके। इसके बावजूद क्षेत्र से काफी संख्या में जनप्रतिनिधियों और लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम में पूर्व ब्लॉक प्रमुख धन सिंह रावत, कनिष्ठ प्रमुख जीवन बुथानी, क्षेत्र पंचायत सदस्य बिमला रावत, खंड विकास अधिकारी तारा चंद्र, क्षेत्र पंचायत विकास अधिकारी, विभागीय कर्मचारी, ग्राम पंचायत एवं क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सम्मेलन के दौरान पंचायतों के माध्यम से विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल तक पहुंचाने और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।


