हल्द्वानी : आवारा कुत्तों के बाद बिल्लियों और बंदरों का बढ़ा आतंक, 10 माह में 15 हजार से ज्यादा काटने के मामले

Share the News

शहर में कुत्तों के साथ बिल्लियों व बंदरों का आतंक, घरों में दुबके बच्चे

हल्द्वानी। शहर में आवारा कुत्तों के साथ-साथ अब बिल्लियों और बंदरों का आतंक भी लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात यह हैं कि कई इलाकों में बच्चों और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। जज फार्म क्षेत्र में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बनी हुई है, जहां लोग दिन में भी अपने बच्चों को बरामदे में बैठाने से डर रहे हैं।

बेस अस्पताल से मिले आंकड़ों के अनुसार, पिछले 10 महीनों में बिल्लियों के काटने के 2600 और बंदरों के काटने के 602 मामले सामने आ चुके हैं, जिन सभी को एंटी-रैबीज इंजेक्शन लगाए गए। इसी अवधि में कुत्तों के काटने के मामलों की संख्या 12,176 तक पहुंच गई है, जो शहर की बिगड़ती स्थिति को साफ दर्शाती है।

शहर में पालतू बिल्लियों का क्रेज भी तेजी से बढ़ा है, लेकिन लापरवाही और आवारा बिल्लियों की संख्या बढ़ने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। वहीं बंदरों के झुंड रिहायशी इलाकों में घुसकर उत्पात मचा रहे हैं।

शुक्रवार को जज फार्म की विकास एवं पर्यावरण सुरक्षा समिति के पदाधिकारियों ने बंदरों के आतंक से परेशान होकर नगर आयुक्त पारितोष वर्मा से मुलाकात की। समिति ने बताया कि बंदर घरों में घुसकर खाने-पीने का सामान उठा ले जा रहे हैं और घरों के अंदर तोड़फोड़ कर रहे हैं। इससे बच्चों और महिलाओं में भय का माहौल है।

इस मौके पर समिति अध्यक्ष विशंभर कांडपाल, बी.डी. जोशी, एल.पी. पंत, हेम अवस्थी, एम.सी. पांडे, पी.सी. जोशी, पी.एस. जीना, नीरज रावत, हेमचंद्र नियोलिया, कुंदन रावत सहित कई लोग मौजूद रहे।

खूंखार कुत्तों की तलाश में निकली टीम, खाली हाथ लौटी

नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल ने बताया कि मुखानी क्षेत्र में एक खूंखार कुत्ते के घूमने की शिकायत मिली थी। सूचना पर डॉग कैचर टीम मौके पर पहुंची, लेकिन कुत्ता नहीं मिला।

इसके बाद टीम ने वार्ड-47 और 48, डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल परिसर तथा काठगोदाम क्षेत्र में भी सर्च अभियान चलाया, लेकिन कहीं भी खूंखार कुत्ता नहीं मिला।

See also  कोटद्वार : सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस पर जन जागरूकता रैली का आयोजन
error: Content is protected !!