भारी बारिश ने गनियाद्योली–सिंगोली–दौलाधार–चलसिया पड़ौली मार्ग को बनाया जानलेवा, तत्काल मरम्मत की मांग

रानीखेत में बदहाल सड़क बनी खतरा: भूस्खलन से टूटे कॉजवे और सुरक्षा दीवारें, ग्रामीणों ने मांगी तत्काल कार्रवाई

गनियाद्योली–सिंगोली मार्ग पर मंडराया हादसे का खतरा, हेमंत रौतेला ने डीएम से की स्थायी निर्माण की मांग

किलोमीटर 8 पर भारी भूस्खलन, दर्जनों गांवों की लाइफलाइन बदहाल; कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

रिपोर्ट – बलवन्त सिंह रावत

रानीखेत। क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन ने गनियाद्योली–सिंगोली–दौलाधार–चलसिया पड़ौली मोटर मार्ग की स्थिति को अत्यंत खराब कर दिया है। मार्ग के कई हिस्सों में भारी भूस्खलन होने के साथ ही कॉजवे और सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त एवं ध्वस्त हो चुकी हैं। ऐसे में इस महत्वपूर्ण सड़क मार्ग से आवागमन करना स्थानीय लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

सड़क की बदहाल स्थिति और आमजन की सुरक्षा को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत रौतेला ने संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी के माध्यम से जिलाधिकारी अल्मोड़ा को ज्ञापन भेजकर मार्ग की तत्काल मरम्मत और स्थायी पुनर्निर्माण की मांग की है।

जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि लगातार बारिश के कारण मोटर मार्ग के कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ है। सड़क के कई कॉजवे और सुरक्षा दीवारें पूरी तरह टूट चुकी हैं, जिसके चलते मार्ग की स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है। इस सड़क से दर्जनों गांवों के ग्रामीण प्रतिदिन आवागमन करते हैं। इसके अलावा स्कूली छात्र, मरीज तथा आपातकालीन सेवाओं से जुड़े लोगों को भी इसी मार्ग का उपयोग करना पड़ता है।

ज्ञापन में कहा गया है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण क्षेत्रवासियों को रोजाना जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। बरसात के दौरान भूस्खलन की संभावना और बढ़ जाती है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है।

पहले भी उठ चुकी है सड़क सुधार की मांग

हेमंत रौतेला ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं जिला योजना समिति अल्मोड़ा की सदस्य शोभा रौतेला द्वारा भी 27 सितंबर 2024 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा गया था। इसके बाद संयुक्त मजिस्ट्रेट कार्यालय रानीखेत की ओर से मार्ग का संयुक्त निरीक्षण भी किया गया, लेकिन इसके बावजूद सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका।

उन्होंने कहा कि लंबे समय से मार्ग की बदहाली को लेकर स्थानीय लोग आवाज उठा रहे हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं होने के कारण हर बरसात में क्षेत्रवासियों की परेशानी बढ़ जाती है।

किलोमीटर 8 पर भारी भूस्खलन, कई कॉजवे ध्वस्त

ज्ञापन के अनुसार वर्तमान में मार्ग के किलोमीटर संख्या 8 पर भारी भूस्खलन हुआ है, जिससे सड़क की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। वहीं काला पहाड़ तोक और चलसिया से पहले स्थित कॉजवे तथा सुरक्षा दीवारें पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं।

इन क्षतिग्रस्त स्थलों पर जल्द निर्माण कार्य नहीं कराया गया तो सड़क का और अधिक हिस्सा टूटने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो सकता है।

स्थलीय निरीक्षण और तकनीकी सर्वे कर बजट स्वीकृत करने की मांग

हेमंत रौतेला ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा से मांग की है कि संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल मौके पर भेजकर सड़क का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए। साथ ही तकनीकी सर्वेक्षण कराकर क्षतिग्रस्त कॉजवे, सुरक्षा दीवारों और भूस्खलन प्रभावित हिस्सों के स्थायी पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक बजट स्वीकृत कराया जाए।

उन्होंने यह भी मांग की कि जब तक सड़क का स्थायी निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक आमजन की सुरक्षा को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि ग्रामीणों, छात्रों और मरीजों को जोखिम उठाकर यात्रा न करनी पड़े।

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत रौतेला ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो स्थानीय जनप्रतिनिधि और क्षेत्रवासी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित दुर्घटना या जनआंदोलन की स्थिति की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की गंभीर स्थिति को देखते हुए इसे प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराया जाए, ताकि दर्जनों गांवों के लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

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