द्वाराहाट की प्राचीन पांडव गुफा के संरक्षण और शोध की पहल शुरू, जिलाधिकारी कार्यालय ने पुरातत्व विभाग को दिए निर्देश

विजयपुर स्थित प्राचीन पांडव गुफा का होगा वैज्ञानिक सर्वेक्षण, जिलाधिकारी कार्यालय ने दिए निर्देश

विजयपुर गांव में स्थित विशाल गुफा के वैज्ञानिक सर्वेक्षण और ऐतिहासिक महत्व की जांच की उठी मांग, सामाजिक कार्यकर्ता आशुतोष शाही के प्रार्थना पत्र पर हुई कार्रवाई

प्राचीन पांडव गुफा के संरक्षण की पहल

रिपोर्ट- बलवन्त सिंह रावत

रानीखेत/द्वाराहाट।  अल्मोड़ा के विकासखंड द्वाराहाट अंतर्गत अटल आदर्श ग्राम सभा विजयपुर में स्थित प्राचीन एवं विशाल पांडव गुफा के संरक्षण और उसके ऐतिहासिक व पुरातात्विक महत्व की पड़ताल की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर पहल शुरू हो गई है। हाट के समीप स्थित इस गुफा के वैज्ञानिक सर्वेक्षण, निरीक्षण और गहन शोध की मांग पर जिलाधिकारी कार्यालय ने संज्ञान लेते हुए पुरातत्व विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। इस पहल से क्षेत्र की प्राचीन धरोहर को पहचान दिलाने और उसके महत्व को सामने लाने की उम्मीद जगी है।

वरिष्ठ भाजपा नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता आशुतोष शाही, निवासी ग्राम डोटलगांव, बग्वालीपोखर की ओर से इस संबंध में प्रशासन को प्रार्थना पत्र सौंपा गया था। उन्होंने विजयपुर गांव में स्थित विशाल पांडव गुफा का वैज्ञानिक तरीके से सर्वेक्षण कराने और उसके ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व का विस्तृत अध्ययन कराने की मांग उठाई थी। उनका कहना था कि गुफा की संरचना और उससे जुड़ी स्थानीय मान्यताओं को देखते हुए इसका गहन निरीक्षण कराया जाना आवश्यक है, ताकि इसके वास्तविक महत्व के संबंध में प्रमाणिक जानकारी जुटाई जा सके।

प्रार्थना पत्र का संज्ञान लेते हुए प्रभारी अधिकारी, कार्यालय जिलाधिकारी अल्मोड़ा की ओर से क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी एवं प्रभारी निदेशक, राजकीय संग्रहालय अल्मोड़ा को पत्र जारी कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन की ओर से जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि स्थानीय जनश्रुतियों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाभारत काल में पांडवों ने अपने अज्ञातवास और वनवास के दौरान इस गुफा में समय व्यतीत किया था। इसी मान्यता के चलते गुफा को क्षेत्र की महत्वपूर्ण प्राचीन धरोहर के रूप में देखा जाता है। हालांकि, इससे जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों की पुष्टि के लिए वैज्ञानिक सर्वेक्षण और पुरातात्विक अध्ययन आवश्यक माना जा रहा है।

वैज्ञानिक सर्वेक्षण से सामने आ सकती है महत्वपूर्ण जानकारी

सामाजिक कार्यकर्ता आशुतोष शाही ने मांग की है कि पुरातत्व विभाग की विशेषज्ञ टीम गुफा का स्थलीय निरीक्षण कर उसकी संरचना, भौगोलिक स्थिति और संभावित पुरातात्विक महत्व का अध्ययन करे। उनका मानना है कि व्यवस्थित सर्वेक्षण और शोध के माध्यम से इस स्थल से जुड़ी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक जानकारियों को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। इससे क्षेत्र की प्राचीन विरासत के दस्तावेजीकरण और उसके संरक्षण की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा सकेंगे।

जिलाधिकारी कार्यालय ने पुरातत्व विभाग को नियमानुसार अग्रेत्तर कार्रवाई करते हुए सर्वेक्षण एवं शोध से संबंधित रिपोर्ट प्रशासन और संबंधित पक्ष को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अब पुरातत्व विभाग की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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