रानीखेत में मिनिस्टीरियल कर्मचारियों का धरना, 12 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

उत्तरांचल फैडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रियल सर्विसेज ने संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा 12 सूत्रीय मांग पत्र।

रिपोर्ट– बलवन्त सिंह रावत 

रानीखेत। उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन, उत्तराखंड के आह्वान पर रानीखेत शाखा के मिनिस्टीरियल कार्मिकों ने अपनी 12 सूत्रीय लंबित मांगों के निराकरण की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है।

शुक्रवार को कर्मचारियों ने संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन प्रेषित कर मांगों के शीघ्र समाधान की मांग उठाई।

ज्ञापन में संघ ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत मिनिस्टीरियल कार्मिक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शासन स्तर पर पत्राचार और वार्ता करते आ रहे हैं।

संघ के अनुसार मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव वित्त तथा सचिव कार्मिक एवं वित्त स्तर पर पूर्व में कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों में कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति भी बनी और बैठक के कार्यवृत्त जारी किए गए, लेकिन इसके बावजूद संबंधित शासनादेश (GO) अब तक जारी नहीं किए गए हैं।

संघ पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सहमति बनने के बाद भी शासनादेश जारी नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि मिनिस्टीरियल कर्मचारी प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और विभागीय कार्यों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उनकी लंबित मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में निराशा है।

पदोन्नति और पुरानी पेंशन समेत 12 मांगें

कर्मचारियों ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में पदोन्नति से संबंधित विषय, पुरानी पेंशन योजना सहित विभिन्न सेवा संबंधी मांगें शामिल हैं। संघ का कहना है कि इन मांगों को लेकर शासन स्तर पर वार्ता हो चुकी है, ऐसे में अब सहमति वाले बिंदुओं पर जल्द शासनादेश जारी किया जाना चाहिए।

संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षीता जोशी ने बताया कि मिनिस्टीरियल वर्ग के कर्मचारियों की कई मांगें हैं, जिनमें पदोन्नति और पुरानी पेंशन योजना से संबंधित मांगें भी शामिल हैं। कर्मचारियों की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे जाने वाला ज्ञापन उन्हें सौंपा गया है, जिसे स्वीकार कर आगे प्रेषित किया जाएगा।

वहीं मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अमित सांगुड़ी ने बताया कि मिनिस्टीरियल फेडरेशन में लोक निर्माण विभाग, उद्यान, सिंचाई सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की 12 प्रमुख मांगें हैं, जिनको लेकर सचिव स्तर और मुख्यमंत्री स्तर पर भी वार्ता हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि प्रांतीय संगठन के निर्देश पर आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। 17 तारीख तक कार्यालय स्तर पर आंदोलन और इसके बाद तहसील स्तर पर धरना आयोजित किया जा रहा है। आगे भी प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार आंदोलन जारी रखा जाएगा।

कर्मचारियों ने सरकार से मांग की कि उनकी लंबित मांगों को गंभीरता से लेते हुए सहमति वाले बिंदुओं पर तत्काल शासनादेश जारी किए जाएं और 12 सूत्रीय मांगों का शीघ्र एवं न्यायोचित समाधान किया जाए।

कर्मचारियों का कहना है कि प्रशासनिक व्यवस्था के सुचारु संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाना आवश्यक है।

See also  प्रेमी-प्रेमिका ने मारी एक दूसरे को गोली, घटना स्थल पर ही हुई मौत, मचा हड़कंप
error: Content is protected !!