उत्तराखंड में नाबालिग से दरिंदगी…गैंगरेप के बाद पीड़िता को छत से फेंका, हालत गंभीर

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हरिद्वार जिले के रुड़की क्षेत्र में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया. इस जघन्य अपराध के बाद, आरोपियों ने पीड़िता को छत से नीचे फेंक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई. उसे तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

इस घटना ने स्थानीय समुदाय में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है, और लोग आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

यह भयावह घटना पथरी थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई. जानकारी के अनुसार, एक गौशाला के पास बने एक कमरे में तीन युवकों ने 14 वर्षीय नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

उस दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने कमरे की ओर आवाज लगाई और दरवाजा खोलने को कहा. इससे घबराए आरोपियों ने पीड़िता को छत से नीचे फेंक दिया और मौके से फरार हो गए. घायल लड़की को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक उसकी जान बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

इस अमानवीय कृत्य के बाद गांव में गुस्सा भड़क उठा. शनिवार की देर शाम को पीड़िता के परिजनों ने अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर फेरुपुर पुलिस चौकी का घेराव किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

लोगों ने आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने और कड़ी सजा देने की मांग की. पथरी थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की और आरोपियों की धरपकड़ के लिए छानबीन शुरू कर दी।

पीड़िता के परिवार ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि गांव का ही एक युवक उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर मोटरसाइकिल पर ले गया और खेत में बने एक कमरे में ले गया, जहां पहले से दो अन्य युवक मौजूद थे।

शिकायत के अनुसार, तीनों युवकों ने मिलकर नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया. कुछ ग्रामीणों ने उस युवक को लड़की को ले जाते हुए देख लिया था और संदेह होने पर वे मोटरसाइकिल के पीछे-पीछे उस कमरे तक पहुंच गए।

जब उन्होंने दरवाजा खोलने के लिए कहा, तो घबराए हुए आरोपियों ने पीड़िता को छत से फेंक दिया और वहां से भाग निकले. इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है, बल्कि क्षेत्र में नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

पुलिस पर अब आरोपियों को शीघ्र पकड़ने का दबाव बढ़ गया है. ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं, और वे चाहते हैं कि दोषियों को कठोर सजा दी जाए. इस बीच, पीड़िता को बेहतर चिकित्सा सुविधा और सहायता प्रदान करने की कोशिश की जा रही है।

यह घटना समाज में महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता को रेखांकित करती है. ग्रामीणों की मांग है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस उपाय किए जाएं।

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