रानीखेत। सीमांत क्षेत्रों में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं में फिटनेस, अनुशासन व खेल भावना विकसित करने के उद्देश्य से सशस्त्र सीमा बल (SSB) सीमांत रानीखेत के तत्वावधान में आयोजित “व्हाइट वाटर रिवर राफ्टिंग अभियान (तरणी)–2026” का भव्य शुभारंभ मंगलवार सुबह 09 बजे जौलजीबी मेला मैदान से किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी पिथौरागढ़ आशीष कुमार भटगांई (आईएएस) रहे, जबकि अध्यक्षता महानिरीक्षक अमित कुमार ने की।
अभियान में SSB के विभिन्न सीमांतों व वाहिनियों से आए 36 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 7 अधिकारी और 29 जवान शामिल हैं। खास बात यह है कि इनमें 4 महिला बल कर्मी भी शामिल हैं। प्रतिभागी 6 राफ्ट और 2 क्याकिंग के माध्यम से इस चुनौतीपूर्ण अभियान में भाग ले रहे हैं। प्रत्येक राफ्ट में खटीमा की मेसर्स विजय यात्रा संस्था के प्रशिक्षित राफ्टिंग विशेषज्ञ, सुरक्षा दल और सहायक कर्मी तैनात हैं।
अभियान के पहले दिन दल जौलजीबी से झुलाघाट तक करीब 35 से 40 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। यह पूरा अभियान महाकाली (काली) नदी के तेज बहाव वाले जलमार्ग पर आयोजित किया जा रहा है, जो भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ बहती है और अपनी चुनौतीपूर्ण धारा व प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। कुल मिलाकर यह अभियान जौलजीबी से 57वीं वाहिनी की सीमा चौकी बूम तक लगभग 150 किलोमीटर की चरणबद्ध जलयात्रा है।
मुख्य अतिथि ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे साहसिक अभियान न केवल शारीरिक क्षमता को बढ़ाते हैं, बल्कि टीमवर्क, नेतृत्व और आत्मविश्वास को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने युवाओं को ऐसे आयोजनों से जुड़ने का आह्वान किया।
अभियान के अवसर पर 55वीं वाहिनी SSB द्वारा स्थानीय लोगों के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं।
इस अभियान का नेतृत्व उप महानिरीक्षक सुधांशु नौटियाल अभियान कमांडर के रूप में कर रहे हैं, जबकि 55वीं वाहिनी के कमांडेंट आशीष कुमार उप कमांडर के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनके निर्देशन में पूरी टीम सुरक्षा, समन्वय और अनुशासन के साथ अभियान को सफल बनाने में जुटी है।
यह अभियान केंद्र सरकार के “फिट इंडिया” और “खेलो इंडिया” अभियानों की भावना के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं में शारीरिक दक्षता, आत्मविश्वास, साहस और नेतृत्व क्षमता का विकास करना है।
कार्यक्रम में SSB, सेना, आईटीबीपी, उत्तराखंड पुलिस, स्थानीय प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
सभी ने इस साहसिक पहल की सराहना करते हुए प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

