हल्द्वानी। रानीबाग निवासी कु. काव्या पांडे ने 31 मार्च से 02 अप्रैल 2026 तक यूके के प्रतिष्ठित University of Cambridge में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर प्रदेश का नाम रोशन किया है।
संगोष्ठी का विषय “वन जीवन के संदर्भों में लैंगिक संवेदनशीलता और महिलाओं का नेतृत्वः मध्य भारतीय हिमालय से प्राप्त अंतर्दृष्टि” रहा।
इस संगोष्ठी में भारत से केवल 6 विद्यार्थियों और विश्वभर से कुल 35 प्रतिभागियों को आमंत्रित किया गया था, जिनमें काव्या पांडे भी शामिल रहीं। वर्तमान में काव्या बेंगलूरू से अपना शोध कार्य कर रही हैं, जबकि उनकी प्रारंभिक शिक्षा रानीबाग और हल्द्वानी में हुई है।
काव्या का शोध उत्तराखंड में किए गए उनके विस्तृत क्षेत्रकार्य पर आधारित है, जिसमें उन्होंने जंगल की आग के दौरान पर्वतीय महिलाओं द्वारा झेली जाने वाली मेहनत और असमान सामाजिक-आर्थिक प्रभावों को उजागर किया है। उनके शोध को न केवल सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि इससे वनाग्नि की रोकथाम और ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में भी नई संभावनाएं खुली हैं।
प्रतिष्ठित मंच पर काव्या द्वारा लैंगिक समानता और समावेशी संरक्षण नीतियों की वकालत करना क्षेत्र और देश दोनों के लिए गर्व का विषय है।
उनकी इस उपलब्धि पर उनके माता-पिता सहित रानीखेत छावनी परिषद में कार्यरत उनके मामा श्री राजेन्द्र पंत ने खुशी जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

