देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की आधिकारिक दस्तक से पहले ही मौसम ने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र में गुरुवार देर रात तेज बारिश के चलते बादल फटने जैसे हालात बन गए, जिससे भारी मात्रा में मलबा और गाद बस्ती में घुस गई।
मलबा एक स्कूल भवन और कई घरों के अंदर तक पहुंच गया। सड़क किनारे खड़े आठ बड़े वाहन पूरी तरह मलबे में दब गए, जबकि आपातकालीन सेवा में लगी एक एंबुलेंस भी इसकी चपेट में आ गई।
भारी बारिश के कारण सिमली-ग्वालदम नेशनल हाईवे पर भी मलबा आने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सूचना मिलते ही बीआरओ की टीम मौके पर पहुंची और रातभर चले राहत एवं सफाई अभियान के बाद शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे हाईवे को दोबारा यातायात के लिए खोल दिया गया।
मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के पहाड़ी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार आज भी कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने तथा 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 28 से 30 जून के बीच उत्तराखंड में मानसून के औपचारिक रूप से प्रवेश करने की संभावना है।
गुरुवार को बागेश्वर, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, देहरादून, पिथौरागढ़, टिहरी, उत्तरकाशी और ऊधम सिंह नगर के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।
तापमान में भी मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला। ऊधम सिंह नगर का खटीमा 38 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि केदारनाथ घाटी में न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। देहरादून में अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
अगले तीन दिनों का मौसम पूर्वानुमान:
27 जून: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश व गरज-चमक की संभावना।
28-29 जून: बारिश का दायरा बढ़ेगा। अधिकांश पहाड़ी जिलों में वर्षा होने के आसार, जबकि मैदानी इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से नदी-नालों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।

