रानीखेत में स्वास्थ्य सुविधाओं को मिली नई धार: विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने किया डायलिसिस मशीन का लोकार्पण।
विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल और सीएमओ डॉ. हरीश पंत ने किया लोकार्पण, जल्द तैनात होंगे फिजीशियन और सर्जन
रिपोर्ट– बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। क्षेत्रीय जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में रानीखेत के स्व. गोविंद सिंह माहरा राजकीय चिकित्सालय में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अस्पताल में आधुनिक डायलिसिस मशीन का विधिवत लोकार्पण किया गया।
मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीश पंत ने संयुक्त रूप से रिबन काटकर इस सुविधा का शुभारंभ किया। डायलिसिस सेवा शुरू होने से रानीखेत और आसपास के क्षेत्रों के गुर्दा रोगियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए हल्द्वानी, बरेली, देहरादून और दिल्ली जैसे दूरस्थ शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
रानीखेत अस्पताल आसपास की कई विधानसभाओं के लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। ऐसे में यहां डायलिसिस की सुविधा शुरू होना स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग की पूर्ति के रूप में देखा जा रहा है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के मरीजों को इससे लाभ मिलने की संभावना है, जिन्हें डायलिसिस के लिए दूसरे शहरों में जाने पर उपचार के साथ-साथ यात्रा और रहने का अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता था।
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल ने कहा कि रानीखेत अस्पताल आसपास की लगभग चार से पांच विधानसभाओं के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। क्षेत्र के बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए इसी अस्पताल पर निर्भर रहते हैं। उन्होंने कहा कि किडनी संबंधी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए हल्द्वानी, बरेली, देहरादून और यहां तक कि दिल्ली तक जाना पड़ता था। इससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
विधायक ने बताया कि क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण आवश्यकता को देखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, स्वास्थ्य मंत्री और केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा से रानीखेत में डायलिसिस सेवा शुरू करने का अनुरोध किया था। अब अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने से लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में डायलिसिस मशीन की उपलब्धता क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे मरीजों को अपने क्षेत्र में ही उपचार की सुविधा मिल सकेगी और दूरस्थ शहरों पर उनकी निर्भरता कम होगी।
जल्द दूर होगी विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीश पंत ने बताया कि रानीखेत अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही अस्पताल में एक फिजीशियन और एक सर्जन की तैनाती की जाएगी।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होने से मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार मिल सकेगा। अभी कई मामलों में मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श और उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में फिजीशियन और सर्जन की तैनाती अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने में सहायक होगी।
एक मशीन से शुरू हुई सेवा, आगे भी बढ़ाए जाएंगे प्रयास
सीएमओ डॉ. हरीश पंत ने कहा कि क्षेत्र में किडनी फेलियर के मरीजों की संख्या को देखते हुए लंबे समय से डायलिसिस सेवा शुरू करने के प्रयास किए जा रहे थे। विधायक और जिलाधिकारी के सहयोग से आखिरकार यह सुविधा शुरू हो पाई है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल अस्पताल में एक डायलिसिस मशीन के माध्यम से सेवा शुरू की गई है। भविष्य में मशीनों की संख्या बढ़ाने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक मरीजों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि जिन मरीजों को अल्मोड़ा में डायलिसिस के लिए समय नहीं मिल पाता है, वे रानीखेत अस्पताल में उपलब्ध सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
योगदा आश्रम द्वाराहाट ने भेंट किया आरओ वाटर प्लांट
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ ही अस्पताल में मरीजों और उनके तीमारदारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए भी पहल की गई। सामाजिक सरोकारों के तहत योगदा आश्रम द्वाराहाट की ओर से अस्पताल को आधुनिक जल शोधन संयंत्र (आरओ वाटर प्लांट) भेंट किया गया।
इस संयंत्र के स्थापित होने से अस्पताल में आने वाले मरीजों, उनके परिजनों और अन्य लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। आश्रम की इस पहल को जनसेवा और सामाजिक सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
डायलिसिस मशीन के लोकार्पण कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य प्रदीप कुमार, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दीप भगत, गिरीश भगत, मंडल अध्यक्ष ललित मेहरा, उपाध्यक्ष महेंद्र रावत, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दीप पार्की, डॉ. दीपक शर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, रानीखेत अस्पताल में डायलिसिस सेवा की शुरुआत क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में अहम कदम है। अब इस सुविधा के नियमित संचालन, विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती और भविष्य में डायलिसिस मशीनों की संख्या बढ़ाने से क्षेत्र के मरीजों को और अधिक राहत मिलने की उम्मीद है।


