चंपावत सामूहिक दुष्कर्म पर बेटी के बुजुर्ग पिता का दर्द, बोले- ‘दरिंदों का खून पीने से मिलेगा सुकून’
चम्पावत में नाबालिग किशोरी से कथित गैंगरेप के मामले के बाद बुधवार को कोतवाली परिसर में जमकर हंगामा और मारपीट हुई। आरोप है कि पीड़िता की मदद के लिए पहुंचे पूर्व मंडल अध्यक्ष कमल रावत पर आरोपित पक्ष के लोगों ने हमला कर दिया, जिससे कोतवाली में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, दुष्कर्म की सूचना मिलने पर कमल रावत पुलिस टीम के साथ पीड़िता की तलाश में जुटे थे। किशोरी को सुनसान कमरे से बरामद किए जाने के बाद उन्होंने घटनास्थल का वीडियो भी बनाया। बाद में जब वह कोतवाली पहुंचे तो वहां विवाद बढ़ गया।
बताया जा रहा है कि सुबह करीब छह बजे कमल रावत पीड़ित पक्ष की शिकायत दर्ज कराने पहुंचे थे। इसी दौरान दो लोगों ने उनके साथ मारपीट की। बाद में पीड़िता के पिता भी दुष्कर्म की तहरीर देने के लिए कोतवाली पहुंचे। चूंकि पीड़िता के पिता गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, इसलिए कमल रावत उनकी ओर से तहरीर लिख रहे थे।
इसी बीच कमल रावत अपने साथ हुई मारपीट की शिकायत भी दर्ज करा रहे थे कि तभी एक आरोपी कोतवाली परिसर में दिखाई दिया। आरोप है कि उसके कुछ ही देर बाद आठ से दस लोग कोतवाली के अंदर घुस आए और हमला बोल दिया। अचानक हुए हंगामे से कोतवाली परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने हस्तक्षेप कर लोगों को हटाया और माहौल शांत कराया।
एसपी रेखा यादव ने बताया कि मामले में शांति भंग की आशंका के तहत धारा 151 के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। वहीं, गैंगरेप मामले की जांच जारी है और आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

