पर्यटकों के बढ़ते आगमन को देखते हुए, उद्यान में सतत पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन प्रबंधन द्वारा किए कुछ बदलाव
रिपोर्ट- बलवन्त सिंह रावत
रानीखेत। राजकीय उद्यान में सतत पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन प्रबंधन में कुछ बदलाव किए गए हैं।
ये बदलाव पर्यटकों की सुरक्षा एवं सुविधा के साथ-साथ उद्यान के कुशल रखरखाव और प्राकृतिक संरक्षण की दिशा में लिए गए हैं।
वही उप निदेशक व उद्यान अधीक्षक ने गाईडों के साथ एक बैठक कर उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
उद्यान अधीक्षक ने बताया कि हमें समाचार पत्रों, न्यूज चैनलों और अन्य माध्यमों से ज्ञात हुआ कि संवाद की कमी के कारण पर्यटकों को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिसको देखते हुए विभाग द्वारा किए गए परिवर्तनों और उद्यान पर्यटन की दिशा में विभाग आगे की कार्य योजनाओं को स्पष्ट करना चाहती हैं।
उन्होने बताया कि वर्तमान समय में उद्यान की सड़क की वहन क्षमता कम होना, जिससे दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
उद्यान में आवाजाही नियंत्रित न होना। जिससे उद्यान की गरिमा भंग होने के साथ-साथ पर्यटकों में असुरक्षा का भाव उत्पन्न होने की सम्भावना। उद्यान में मौजूद मौसम विभाग द्वारा लगाए गए मौसम निगरानी यंत्र का उचित रखरखाव।
यहाँ पर मौजूद जर्मप्लास्म की सुरक्षा ताकि हमारे प्राकृतिक संसाधन और जैव विविधता सुरक्षित रह सके। उद्यान अधीक्षक ने बताया कि विभाग द्वारा आवाजाही में नियंत्रण के लिए पार्किंग की अतिरिक्त व्यवस्था उपनिदेशक वनस्पति कार्यलय के पास की गई है।
वही वरिष्ठ नागरिकों और विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों के लिए वाहन अंदर ले जाने की अनुमति दी गई है।
उद्यान अधीक्षक ने कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा एवं जानकारी हेतु, राज्य उद्यान के दो मुख्य द्वारों पर, जिन रास्तों से पर्यटकों की आवाजाही सबसे अधिक होती है, वहाँ पर प्रातः 6 बजे से शाम 6 बजे तक गार्ड की व्यवस्था की गई है। पर्यटकों की जानकारी हेतु सूचना पट्ट लगाए जा रहे हैं।
वही पर्यटकों की सुविधा के लिए सोलर लाइट, सड़कों का सुधारीकरण और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं की उचित व्यवस्था का कार्य जल्द शुरू करने की विभाग द्वारा कोशिश की जा रही है।
उन्होने कहा कि यह सारे कदम पर्यटकों के सुखद एवं सुरक्षित भ्रमण को केंद्र में रखकर किए गए हैं। इससे उद्यान प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को भी बेहतर किया जा सकेगा।
उद्यान अधीक्षक ने जनता से उचित सहयोग की आशा करते हुए कहा है कि आगे से विभाग द्वारा किए गए बदलाव भी सभी जनता तक समय-समय पर संप्रेषित कर दिए जाएंगे।
उन्होने कहा कि उद्यान विभाग कृषकों एवं पर्यटकों की सेवा हेतु सदा तत्पर रहा है और आगे भी रहेगा।
उप निदेशक डाँक्टर रजनीश सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर और अलग अलग माध्यमों से कुछ वीडियो क्लिप प्राप्त हो रहे थे। जिससे ऐसा संज्ञान में आया था कि चौबटिया गार्डन को ताला लगा दिया गया है।
उसी क्रम मे निर्देश प्राप्त हुए थे कि स्वयं जाके इसको ऑब्जर्व करें। मैं सुबह ही रानीखेत पहुंचा हूं, आके इसको देखा है। कुछ टाइमिंग का इश्यू था, उसको रिजॉल्व कर दिया गया है, अब सूर्योदय से सूर्यास्त तक गार्डन खुला रहेगा।
उन्होने कहा कि जहां पर हम खड़े हैं ये ट्यूलिप गार्डन है। ये सब पर्यटकों के लिए खुला है। गेट बंद करने के कुछ टेक्निकल रीजन्स थे। रास्ते पर थोड़ा कुछ सड़क निर्माण हुआ था, जो पर्यटकों के लिए सेफ नजर नहीं आ रहा था। इसलिए उसको बंद किया गया था। हालांकि अब इसको खोल दिया गया है।
अभी हमने टूरिस्ट लोगों से भी वार्ता की है। वही गाइड लोगो से भी वार्ता की गई है। उनको बताया गया है कि वो टूरिस्टो को वहां से उतारे और उनका सपोर्ट करें ताकि उनको चोट न लग सके। वही पैदल ट्रैक के बारे मे बताते हुए कहा कि ट्रैक पर कुछ काम चल रहे हैं। जल्द ही पैदल ट्रैक पर्यटकों के लिए खुल जायेगा।
उन्होने कहा कि हम लोग थोड़ा सा और ब्यूटीफिकेशन का काम कृषक भवन के आसपास कर रहे हैं। जैसे ही वह काम पूरा हो जाएगा तो हमारे सारे ट्रैक पूरे हो जायेंगे। जिसके बाद पूरा गार्डन ही पर्यटको के लिए खोला दिया जायेगा।
उद्यान में पुष्प वाटिका घुमने आये पर्यटकों ने बताया कि हमे यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। यहां का नेचर, ब्यूटी, क्लाइमेट बहुत अच्छा है।
नोएडा और यहां का एक बहुत अलग अनुभव है। लगता है क्वालिटी ऑफ लाइफ यहीं है। फैमिली के साथ माउंटेंस पर वेकेशन मनाना प्रेफर करते हैं। नहीं, एंट्री के लिए बस जनरल इनफॉर्मेशन ली गई थी, बाकी किसी ने नहीं रोका।
वही नोएडा से आए पर्यटको ने कहा कि हम मुक्तेश्वर होते हुए आये है।
यहा पर गार्डन देख रहे है, ट्यूलिप एकदम बढ़िया सुंदर खिले हुए हैं। नहीं, बस एक जगह एंट्री कराई और बढ़िया तरीक़े से स्मूथली अंदर आ गये। हमे किसी ने नही रोका।