ताड़ीखेत में द्वि-दिवसीय संस्कृत प्रतियोगिता का भव्य समापन, छात्र-छात्राओं ने संस्कृत भाषा व संस्कृति की प्रतिभा का किया प्रदर्शन

नाटक, समूहगान, समूह नृत्य, वाद-विवाद, आशुभाषण और श्लोकोच्चारण में विद्यार्थियों ने दिखाया हुनर; विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार व प्रमाण पत्र प्रदान किए गए

रिपोर्टर बलवंत सिंह रावत 

रानीखेत। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी, हरिद्वार के तत्वावधान में विकासखंड ताड़ीखेत की दो दिवसीय विकासखंड स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता का गुरुवार को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज रानीखेत के सभागार में भव्य एवं मनमोहक समापन हुआ। 23 और 24 सितंबर को आयोजित इस प्रतियोगिता में कनिष्ठ एवं वरिष्ठ वर्ग के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी प्रतिभा, संस्कृत ज्ञान और कला-कौशल का प्रदर्शन किया।

समापन समारोह का शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्ष एवं राजकीय बालिका इंटर कॉलेज रानीखेत की प्रधानाचार्या नीरू सती, मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्रधानाचार्या श्रीमती नीलम नेगी, विशिष्ट अतिथि श्री जनार्दन पंत तथा अति विशिष्ट अतिथि डॉ. शिवराज सिंह बिष्ट ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन कर किया। इसके बाद सरस्वती वंदना और मंगलाचरण के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।

जानकारी के अनुसार, प्रतियोगिता के प्रथम दिवस 23 सितंबर को कनिष्ठ वर्ग की विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। वहीं 24 सितंबर को वरिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिताओं के साथ दो दिवसीय संस्कृत प्रतियोगिता का समापन हुआ। वरिष्ठ वर्ग में विकासखंड के विभिन्न सरकारी, अर्धसरकारी एवं निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने नाटक, समूहगान, समूह नृत्य, वाद-विवाद, आशुभाषण और श्लोकोच्चारण प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लिया।

वरिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिताओं के परिणाम इस प्रकार रहे—

नाटक प्रतियोगिता में राजकीय इंटर कॉलेज चौकुनी ने प्रथम, इंटर कॉलेज खिरखेत ने द्वितीय तथा राजकीय इंटर कॉलेज शेर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

समूहगान प्रतियोगिता में राजकीय इंटर कॉलेज कालनू देहोली प्रथम, श्री राम संस्कृत विद्यापीठ रानीखेत द्वितीय तथा आर्मी पब्लिक स्कूल रानीखेत तृतीय स्थान पर रहा।

समूहनृत्य प्रतियोगिता में नेशनल इंटर कॉलेज रानीखेत ने प्रथम, पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज जैनोली ने द्वितीय तथा राजकीय इंटर कॉलेज चौकुनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

वाद-विवाद प्रतियोगिता में श्री राम संस्कृत विद्यापीठ रानीखेत प्रथम, राजकीय इंटर कॉलेज चौकुनी द्वितीय तथा राजकीय इंटर कॉलेज चौमुधार तृतीय स्थान पर रहा।

आशुभाषण प्रतियोगिता में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज ताड़ीखेत ने प्रथम, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज रानीखेत ने द्वितीय तथा राजकीय इंटर कॉलेज चौमुधार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज ताड़ीखेत प्रथम, राजकीय इंटर कॉलेज चौकुनी द्वितीय तथा श्री राम संस्कृत विद्यापीठ रानीखेत तृतीय स्थान पर रहा।

प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता प्रतिभागियों को निर्धारित पुरस्कार राशि एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से संस्कृत भाषा के ज्ञान, साहित्य, संस्कृति और परंपराओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्रधानाचार्या श्रीमती नीलम नेगी ने उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा से जोड़ने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने संस्कृत भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य एवं सफलता के लिए शुभकामनाएं और आशीर्वचन प्रदान किए।

कार्यक्रम का संचालन संयुक्त रूप से श्री कृष्ण कुमार उपाध्याय, श्री रमेश चंद्र पपने एवं श्री योगेश कुमार तिवारी ने किया। सह-संयोजक श्री चंद्रशेखर बुधोड़ी ने आयोजन के विभिन्न पक्षों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समापन कार्यक्रम में राहुल कुमार मिश्रा, खीमानंद पांडे, कृष्ण कुमार उपाध्याय, विनय मोहन जोशी, योगेश तिवारी, श्यामसुंदर आर्य, ज्योति मौलेखी, नवीन चंद्र जोशी, रमेश चंद्र पपनै, पुष्कर जोशी, ममता उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

अंत में विकासखंड संयोजक श्रीमती मीरा नेगी एवं सह-संयोजक श्री चंद्रशेखर बुधोड़ी ने प्रतियोगिता के सफल, निर्विघ्न एवं सौहार्दपूर्ण आयोजन के लिए सभी अतिथियों, दल प्रभारियों, निर्णायकों, शिक्षक-शिक्षिकाओं, सहयोगियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने जिले स्तर पर विकासखंड ताड़ीखेत का प्रतिनिधित्व करने वाले सभी विजेता दलों को बधाई देते हुए आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

See also  रानीखेत : ककलासो की संयुक्त रामलीला में सीता स्वयंवर और परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने बांधा समां, उमड़ा जनसैलाब
error: Content is protected !!