रानीखेत की रानी झील में चला स्वच्छता अभियान, SSB जवानों के साथ स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों ने किया श्रमदान

रिपोर्टर : बलवंत सिंह रावत 

रानीखेत। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के तत्वावधान में संचालित “स्वच्छता ही सेवा-2026” राष्ट्रीय अभियान के तहत बुधवार, 1 अक्टूबर को रानीखेत स्थित ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थल रानी झील में वृहद स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया।

“स्वच्छ भारत, विकसित भारत” की भावना को केंद्र में रखते हुए आयोजित अभियान में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों के साथ जिला प्रशासन, छावनी परिषद, विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

अभियान का आयोजन सशस्त्र सीमा बल सीमान्त मुख्यालय रानीखेत के महानिरीक्षक श्री अमित कुमार के कुशल निर्देशन में किया गया। इस दौरान रानी झील और उसके आसपास के सार्वजनिक क्षेत्रों में सामूहिक श्रमदान करते हुए सफाई की गई। प्रतिभागियों ने क्षेत्र में बिखरे कचरे को एकत्र कर स्वच्छता का संदेश दिया तथा पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने के लिए जागरूक किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल रानी झील परिसर की साफ-सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों को दैनिक जीवन में स्वच्छता अपनाने, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होने और सार्वजनिक स्थलों के रखरखाव में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करना भी रहा। अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वच्छ और सुंदर पर्यटन स्थल विकसित करने के लिए प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों की भागीदारी भी आवश्यक है।

स्वच्छता अभियान में कमांडेंट गोविन्द सिंह भंडारी, उप-कमांडेंट अनिल कुमार जोशी, छावनी परिषद के पदाधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं शिक्षक, स्कूली बच्चे, स्थानीय नागरिक तथा सशस्त्र सीमा बल के जवान मौजूद रहे। स्कूली बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ सफाई अभियान में हिस्सा लिया और श्रमदान कर स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

अभियान के दौरान रानी झील क्षेत्र को स्वच्छ एवं आकर्षक बनाए रखने के साथ ही लोगों को कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने, प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्टों का अनावश्यक इस्तेमाल न करने तथा पर्यटन स्थलों की प्राकृतिक सुंदरता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।

आयोजकों ने कहा कि “स्वच्छता ही सेवा” जैसे अभियानों की सफलता तभी सुनिश्चित हो सकती है, जब स्वच्छता को केवल अभियान या कार्यक्रम तक सीमित न रखकर इसे दैनिक जीवन की आदत बनाया जाए। सामूहिक सहभागिता से ही सार्वजनिक स्थलों, पर्यटन क्षेत्रों और प्राकृतिक संसाधनों को लंबे समय तक स्वच्छ एवं सुरक्षित रखा जा सकता है। रानी झील में आयोजित यह अभियान इसी सामूहिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी का संदेश देता नजर आया।

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