गेवाड़ विकास समिति की गर्जना रैली से गूंजा चौखुटिया, 7 सूत्रीय मांगों को लेकर क्रमिक अनशन शुरू

गेवाड़ विकास समिति के बैनर तले चौखुटिया में उठी हुंकार, 7 सूत्रीय मांगों को लेकर निकाली गई गर्जना रैली

रिपोर्ट- बलवन्त सिंह रावत 

अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया क्षेत्र में लंबे समय से लंबित विकास कार्यों और जनहित से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। गेवाड़ विकास समिति चौखुटिया के नेतृत्व में क्षेत्र की सात सूत्रीय मांगों को लेकर विशाल गर्जना रैली निकाली गई। रैली में स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी करते हुए शासन-प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। आंदोलन को समर्थन देने के लिए हाट, झला और भैल्ट गांवों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री की ओर से पूर्व में की गई घोषणाओं को धरातल पर उतारने और क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग उठाई।

रैली के बाद आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। गेवाड़ विकास समिति के आह्वान पर रधुवर सिंह नैनवाल, भुबन कठैत, गजेन्द्र सिंह नेगी और हरीश चौरसिया क्रमिक अनशन पर बैठे। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र की समस्याओं को लेकर लंबे समय से ज्ञापन और मांग पत्र दिए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। अब जनता अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए निर्णायक आंदोलन की राह पर है।

अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया क्षेत्र में लंबे समय से लंबित विकास कार्यों और जनहित से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। गेवाड़ विकास समिति चौखुटिया के नेतृत्व में क्षेत्र की सात सूत्रीय मांगों को लेकर विशाल गर्जना रैली निकाली गई। रैली में स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी करते हुए शासन-प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। आंदोलन को समर्थन देने के लिए हाट, झला और भैल्ट गांवों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री की ओर से पूर्व में की गई घोषणाओं को धरातल पर उतारने और क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग उठाई।
रैली के बाद आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। गेवाड़ विकास समिति के आह्वान पर रधुवर सिंह नैनवाल, भुबन कठैत, गजेन्द्र सिंह नेगी और हरीश चौरसिया क्रमिक अनशन पर बैठे। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र की समस्याओं को लेकर लंबे समय से ज्ञापन और मांग पत्र दिए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। अब जनता अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए निर्णायक आंदोलन की राह पर है।

गर्जना रैली और क्रमिक अनशन के दौरान स्थानीय जनता तथा आंदोलनकारियों ने एक स्वर में कहा कि चौखुटिया क्षेत्र की लंबित मांगों को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आंदोलनकारियों ने शासन-प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। समिति ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र के विकास, युवाओं की शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षित भविष्य के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

फिलहाल चौखुटिया में सात सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। अब निगाहें शासन-प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि वह आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाता है।

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