राजकीय महाविद्यालय तल्ला सल्ट में विभीषिका स्मृति दिवस पर विशेष व्याख्यान, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूम

Share the News

अल्मोड़ा। राजकीय महाविद्यालय तल्ला सल्ट में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर इतिहास विभाग के तत्वावधान में “विभीषिका स्मृति दिवस” के अवसर पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्ष 1947 के भारत विभाजन के दौरान हुई मानवीय त्रासदी, विस्थापन और जनहानि को स्मरण करते हुए विद्यार्थियों को देश के इतिहास के उस संवेदनशील अध्याय से अवगत कराना था।

कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. गरिमा पाण्डेय ने सभा में उपस्थित विषय विशेषज्ञों एवं छात्र-छात्राओं का स्वागत करते हुए विभीषिका स्मृति दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत विभाजन केवल एक राजनीतिक घटना नहीं थी, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाली एक गहरी मानवीय त्रासदी थी, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राघव झा, समाजशास्त्र विभाग प्रभारी डॉ. चन्द्रा गोस्वामी तथा हिन्दी विभाग प्रभारी डॉ. गिरीश चन्द्र ने विभाजन के ऐतिहासिक, सामाजिक और मानवीय पक्षों पर विस्तार से विचार रखे। वक्ताओं ने बताया कि विभाजन के दौरान लाखों लोगों को अपने घर-बार छोड़ने पड़े, व्यापक हिंसा हुई और असंख्य परिवारों ने अपार कष्ट झेले। उन्होंने कहा कि इस घटना को केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित न रखकर सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और मानवीय मूल्यों के संदर्भ में भी समझने की आवश्यकता है।

इसके उपरांत 15 अगस्त 2026 को महाविद्यालय में 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह, गौरव और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्राचार्य डॉ. राघव झा, डॉ. चन्द्रा गोस्वामी, डॉ. गिरीश चन्द्र, डॉ. गरिमा पाण्डेय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से नियुक्त अधिकार मित्र, भौनखाल चौकी प्रभारी एवं उनके सहयोगी उपस्थित रहे।

ध्वजारोहण के पश्चात प्राचार्य डॉ. राघव झा ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया। साथ ही उच्च शिक्षा निदेशालय, हल्द्वानी के निदेशक द्वारा प्रेषित शुभकामना संदेश का वाचन भी किया गया।

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, कविता पाठ, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं अन्य रंगारंग कार्यक्रमों के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को यादगार बना दिया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी लोगों को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।

कार्यक्रम के अंत में राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय का समस्त शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

See also  उत्तराखंड में 46 साल बाद लौटा बिछड़ा बेटा, भिक्षा मांगते पहुंचे साधु को बुजुर्ग मां ने आवाज से पहचाना
error: Content is protected !!