जीजीआईसी रानीखेत में ब्लॉक स्तरीय विज्ञान महोत्सव आयोजित; 30 स्कूलों के 150 से अधिक विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा।

जीजीआईसी रानीखेत में पूर्व छात्र की स्मृति में भावुक समारोह, माता-पिता की मौजूदगी में दी गई श्रद्धांजलि; कैप्टन सूरज मेहरा ने विद्यालय को भेंट की प्रतिमा

रिपोर्ट– बलवन्त सिंह रावत

रानीखेत। आर्मी पब्लिक स्कूल, रानीखेत में बुधवार को देश सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले विद्यालय के वीर पूर्व छात्र शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी की स्मृति में भावुक एवं गौरवपूर्ण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी की प्रतिमा स्थापित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। प्रतिमा के अनावरण के साथ ही विद्यालय ने अपने इस वीर पूर्व छात्र की गौरवशाली विरासत को स्थायी रूप से संजोने का संकल्प भी दोहराया।

शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी की प्रतिमा विद्यालय के ही पूर्व छात्र एवं 10 मद्रास रेजिमेंट के कैप्टन सूरज मेहरा द्वारा विद्यालय को भेंट की गई। प्रतिमा स्थापना के अवसर पर विद्यालय परिसर में देशभक्ति और भावनाओं से ओतप्रोत माहौल रहा। उपस्थित लोगों ने शहीद के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण को याद करते हुए उन्हें नमन किया।

समारोह में शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी के पूज्य माता-पिता श्री प्रमोद गोस्वामी एवं श्रीमती सरस्वती गोस्वामी की गरिमामय उपस्थिति विशेष रूप से भावुक कर देने वाली रही। अपने पुत्र की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी ने समारोह को और भी महत्वपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम में कमांडेंट ब्रिगेडियर विजयंत महादिक सहित विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र आदित्य ने शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी के जीवन, उनकी वीरता और राष्ट्र के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार शहीद का जीवन साहस, अनुशासन, कर्तव्य और देशभक्ति की प्रेरणा देता है। उनके जीवन प्रसंगों ने उपस्थित विद्यार्थियों को भावुक करने के साथ ही राष्ट्र सेवा के प्रति प्रेरित किया।

समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा गया कि विद्यालय परिसर में स्थापित यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं है, बल्कि उस वीर युवक की जीवंत विरासत है, जिसने कभी इन्हीं विद्यालय के गलियारों में शिक्षा प्राप्त की थी। उनका जीवन विद्यार्थियों को यह संदेश देता है कि साहस का अर्थ भय का पूरी तरह समाप्त हो जाना नहीं, बल्कि भय के बावजूद सही कर्तव्य और राष्ट्रहित के लिए मजबूती से खड़े रहना है।

वक्ताओं ने कहा कि विद्यालयों में ऐसे वीरों की स्मृतियों को संजोना नई पीढ़ी को देशभक्ति, त्याग और कर्तव्य के मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी की प्रतिमा आने वाले समय में विद्यालय के विद्यार्थियों को उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने की प्रेरणा देती रहेगी।

कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय की शिक्षिका निभा सिंह ने किया। समारोह के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य कमलेश जोशी ने शहीद के माता-पिता  प्रमोद गोस्वामी एवं  सरस्वती गोस्वामी, कमांडेंट ब्रिगेडियर विजयंत महादिक, कैप्टन सूरज मेहरा सहित सभी उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।

प्रधानाचार्य ने कहा कि विद्यालय के लिए यह गौरव का विषय है कि उसका पूर्व छात्र राष्ट्र सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान देकर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन गया। उन्होंने कहा कि शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी की स्मृति और उनके आदर्श विद्यालय परिवार को हमेशा देश के प्रति समर्पण की प्रेरणा देते रहेंगे।

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